Indian Navy, Ritesh Kumar Singh, Bihar News, Success Story, Kargil Warrior, Navy Officer, Inspirational News, SSB Interview, IIM Admission, Youth Inspiration, भारतीय नौसेना, रितेश कुमार सिंह, कारगिल योद्धा, प्रेरणादायक कहानी, बिहार समाचार, नेवी ऑफिसर, सफलता की कहानी, देशसेवा | बिहार
बिहार

कारगिल योद्धा के बेटे ने रचा इतिहास, IIM का मौका छोड़ देशसेवा चुना, नौसेना अधिकारी बने रितेश कुमार सिंह

राघोडिहरा गांव के रितेश कुमार सिंह भारतीय नौसेना में सब लेफ्टिनेंट बने। कारगिल योद्धा के बेटे रितेश ने IIM का मौका छोड़ देशसेवा का रास्ता चुना।

राघोडिहरा/बिहार: एक छोटे से गांव के युवा ने अपनी मेहनत, संघर्ष और देशभक्ति से ऐसा इतिहास रच दिया, जिस पर पूरा क्षेत्र गर्व कर रहा है। स्थानीय प्रखंड के राघोडिहरा गांव निवासी रितेश कुमार सिंह भारतीय नौसेना में सब लेफ्टिनेंट के पद पर कमीशन प्राप्त कर गांव के पहले कमीशंड सैन्य अधिकारी बन गए हैं। उनकी इस उपलब्धि से गांव समेत पूरे इलाके में खुशी और गर्व का माहौल है।

कारगिल योद्धा के बेटे ने चुना देशसेवा का रास्ता

रितेश कुमार सिंह सेवानिवृत्त सूबेदार जनार्दन सिंह और गृहिणी पुष्पा देवी के छोटे पुत्र हैं। उनके पिता भारतीय सेना में लगभग 30 वर्षों तक सेवा दे चुके हैं और कारगिल युद्ध में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं।

पिता की देशभक्ति, अनुशासन और सैन्य जीवन से प्रेरित होकर रितेश ने बचपन में ही सेना में अधिकारी बनने का सपना देख लिया था।

माता-पिता ने कंधों पर सजाए स्टार

कमीशनिंग समारोह के दौरान जब माता-पिता ने रितेश के कंधों पर सुनहरे स्टार और पट्टियां सजाईं, तो वह पल पूरे परिवार के लिए बेहद भावुक और गर्व से भरा रहा।

रितेश ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद 10वीं कक्षा से ही सैन्य सेवाओं की तैयारी शुरू कर दी थी। इस दौरान उन्हें कई बार असफलताओं का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी।

बताया जाता है कि उन्होंने 10 से अधिक एसएसबी इंटरव्यू दिए। हर असफलता के बाद उन्होंने और अधिक मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास के साथ खुद को तैयार किया।

जून 2025 में हुआ चयन

लगातार संघर्ष और मेहनत के बाद आखिरकार जून 2025 में उनका चयन भारतीय नौसेना में हुआ। अब वह सब लेफ्टिनेंट के रूप में देश सेवा का दायित्व निभाएंगे।

उनकी सफलता आज युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है कि दृढ़ संकल्प और मेहनत से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

पढ़ाई में भी रहे अव्वल

रितेश ने 12वीं की पढ़ाई आर्मी पब्लिक स्कूल, इलाहाबाद से पूरी की, जबकि बीएससी की शिक्षा इलाहाबाद विश्वविद्यालय से प्राप्त की।

उन्होंने CAT परीक्षा में 90 प्रतिशत अंक हासिल किए थे, जिसके आधार पर उन्हें IIM अमृतसर और IIM गया में प्रवेश का मौका मिला था। हालांकि परिवार पर आर्थिक बोझ न पड़े, इस सोच के साथ उन्होंने BHU से MBA करने का फैसला लिया।

बड़े भाई भी कर रहे शानदार काम

रितेश के बड़े भाई विकास कुमार सिंह ने बीटेक इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की है और वर्तमान में इंफोसिस में टीम लीडर के पद पर कार्यरत हैं।

परिवार के दोनों बेटों की उपलब्धियों ने गांव और क्षेत्र का मान बढ़ाया है।

युवाओं के लिए प्रेरणा बना संघर्ष

छोटे से गांव से निकलकर भारतीय नौसेना में अधिकारी बनने तक का रितेश का संघर्षपूर्ण सफर यह साबित करता है कि मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास के दम पर कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है।

गांव और आसपास के लोगों ने रितेश और उनके परिवार को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

You can share this post!

Comments

Leave Comments