बिहार जमीन रजिस्ट्री नियम, Bihar Land Registry New Rules, ऑनलाइन जमीन जानकारी, बिहार भूमि विवाद, जमीन खरीद नियम, Bihar Property News, Ranchi, ranchi news, ranchi samachar, samachar plus, samachar plus bihar, samachar plus editor, samachar plus jharkhand, samachar plus live, samachar plus ranchi, samacharplus, samacharplus bihar, samacharplus Jharkhand, samacharplus news, samacharplus ranchi, samacharplus updates, sumeet roy, sumeet roy ranchi, sumeet roy samacharplus, बिहार की खबर, बिहार खबर, बिहार चुनाव, बिहार न्यूज़, बिहार समाचार, रांची, रांची अपडेट, रांची खबर, रांची न्यूज़, रांची समाचार, लालू प्रसाद यादव, लालू यादव, समाचार प्लस, समाचार प्लस झारखंड, समाचार प्लस लाइव, हेमंत सोरेन, हेमंत सोरेन खबर, हेमंत सोरेन झारखंड, हेमंत सोरेन लाइव, Jharkhand crime news, ranchi crime news, bihar crime news, Jharkhand crime updates, chaibasa crime news, Jharkhand crime, ranchi crime, patna crime, samrat Chaudhary, samrath Chaudhary, samrath Chaudhary news, Bihar Land Registry, Bihar Property News, जमीन रजिस्ट्री नियम, बिहार भूमि विवाद, ऑनलाइन जमीन जानकारी, Bihar Land Survey, Property Fraud Bihar, NCRB Bihar News | बिहार
बिहार

बिहार में जमीन खरीद-बिक्री के नियम बदलेंगे, अब रजिस्ट्री से पहले मिलेगी पूरी ऑनलाइन जानकारी

बिहार में जमीन खरीद-बिक्री को लेकर नई व्यवस्था लागू होने जा रही है। अब रजिस्ट्री से पहले खरीदार को जमीन और विक्रेता से जुड़ी 13 महत्वपूर्ण जानकारियां ऑनलाइन मिलेंगी।

बिहार में जमीन खरीदने और बेचने की प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए सरकार नई व्यवस्था लागू करने जा रही है। इस नई व्यवस्था के तहत अब जमीन खरीदने वाले व्यक्ति को रजिस्ट्री से पहले ही जमीन और विक्रेता से जुड़ी पूरी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएगी।

सरकार का मानना है कि इससे जमीन खरीदने वाले लोगों को काफी राहत मिलेगी और फर्जीवाड़े तथा धोखाधड़ी के मामलों में कमी आएगी। जानकारी के मुताबिक, नई व्यवस्था इसी महीने 15 मई से लागू हो सकती है।


रजिस्ट्री से पहले देनी होगी 13 तरह की जानकारियां

नई प्रक्रिया के अनुसार अब जमीन से जुड़ी 13 महत्वपूर्ण जानकारियां आवेदन के साथ ऑनलाइन अपलोड करनी होंगी। इसमें शामिल होंगे:

  • विक्रेता का पूरा विवरण
  • जमीन का खाता नंबर
  • खसरा नंबर
  • रकबा
  • मालिकाना स्थिति
  • भूमि से जुड़े अन्य रिकॉर्ड

इन सभी जानकारियों के आधार पर संबंधित अंचलाधिकारी (CO) आवेदन की जांच करेंगे।


10 दिनों में होगी जांच, फिर मिलेगी रिपोर्ट

नई व्यवस्था के तहत आवेदन जमा होने के बाद अंचलाधिकारी 10 दिनों के भीतर उसकी जांच करेंगे। इसके बाद एक रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

इस रिपोर्ट के आधार पर जमीन खरीदने वाला व्यक्ति यह तय कर सकेगा कि जो जानकारी विक्रेता ने दी है, वह सही है या नहीं। इससे फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन बेचने वाले लोगों पर रोक लगने की उम्मीद है।


भूमाफियाओं पर लगेगी लगाम

राज्य में लंबे समय से ऐसे मामले सामने आते रहे हैं, जहां भूमाफिया सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत से दूसरे की जमीन बेच देते थे।

सरकार का मानना है कि नई ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने के बाद ऐसे मामलों में कमी आएगी और जमीन विवादों पर नियंत्रण लगाया जा सकेगा।


जमीन विवाद से जुड़े अपराधों में बिहार सबसे आगे

बिहार में जमीन विवाद एक गंभीर समस्या बन चुका है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के अनुसार, साल 2024 में दर्ज 2787 हत्या के मामलों में से 424 मामलों की वजह जमीन विवाद रही।

इस मामले में बिहार देश में पहले स्थान पर है, जबकि ओडिशा दूसरे और उत्तर प्रदेश तीसरे नंबर पर है। ऐसे में सरकार की यह पहल काफी अहम मानी जा रही है।


नई व्यवस्था के सामने कई चुनौतियां भी

हालांकि, इस नई व्यवस्था को लागू करने में कई बड़ी चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं। बिहार में आखिरी भूमि सर्वे 1970-71 में हुआ था।

अनुमान है कि करीब 70 फीसदी जमीन आज भी पूर्वजों के नाम पर दर्ज है। ऐसे में कई बार जमीन बेचने वाला व्यक्ति और जमीन के दस्तावेजों में दर्ज नाम अलग-अलग होते हैं।

उदाहरण के तौर पर दादा या पिता के नाम की जमीन का सौदा बेटा या पोता करता है। ऐसे मामलों में दस्तावेजी प्रक्रिया जटिल हो सकती है।


विशेषज्ञ बोले- बिना नए सर्वे के असर सीमित रहेगा

भूमि मामलों के जानकारों का कहना है कि केवल नई ऑनलाइन व्यवस्था से पूरी समस्या खत्म नहीं होगी। उनका मानना है कि बड़े स्तर पर सुधार के लिए राज्य में नए भूमि सर्वे की जरूरत है।

विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक जमीन रिकॉर्ड पूरी तरह अपडेट नहीं होंगे, तब तक जमीन विवादों पर पूरी तरह रोक लगाना मुश्किल होगा।


लोगों को मिलेगी बड़ी राहत

इसके बावजूद सरकार को उम्मीद है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद जमीन खरीदने वाले लोगों को पहले से ज्यादा सुरक्षा और पारदर्शिता मिलेगी।

ऑनलाइन जानकारी उपलब्ध होने से लोग जमीन खरीदने से पहले उसकी पूरी जांच कर सकेंगे और फर्जीवाड़े से बच पाएंगे।

You can share this post!

Comments

Leave Comments