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झारखंड में अवैध भवनों पर बड़ा फैसला, ऑनलाइन आवेदन नहीं किया तो होगी कार्रवाई

झारखंड सरकार ने बिना नक्शे बने भवनों को नियमित करने के लिए नई नियमावली लागू की है। 60 दिनों के भीतर ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य होगा, वरना कार्रवाई की जाएगी।

दुमका: Jharkhand सरकार ने बिना नक्शे बने भवनों को बड़ी राहत देते हुए “झारखंड रेगुलराइजेशन ऑफ अनऑथराइज कंस्ट्रक्टेड बिल्डिंग रूल्स 2026” लागू कर दिया है। नगर विकास विभाग की ओर से 27 अप्रैल को जारी अधिसूचना के तहत अब 31 दिसंबर 2024 तक बिना नक्शा बने भवनों को नियमित कराने का मौका मिलेगा।

हालांकि इसके लिए भवन मालिकों को अधिसूचना जारी होने के 60 दिनों के भीतर ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य होगा। तय समय सीमा के बाद आवेदन नहीं करने वालों पर अवैध निर्माण का केस दर्ज कर कार्रवाई की जा सकती है।

सिर्फ ऑनलाइन आवेदन मान्य

नगर विकास विभाग ने साफ किया है कि आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। इसके लिए भवन मालिकों को बीपीएएमएस (Building Plan Approval Management System) पोर्टल पर आवेदन करना होगा।

ऑफलाइन आवेदन की कोई व्यवस्था नहीं रखी गई है।

किन भवनों को मिलेगा लाभ

नई नियमावली के तहत केवल उन्हीं भवनों को नियमित किया जाएगा—

  • जिनका निर्माण रैयती जमीन पर हुआ हो
  • भवन जी प्लस टू (10 मीटर तक) हो
  • प्लॉट का आकार 300 वर्ग मीटर तक हो

सरकारी जमीन, पार्क, सड़क, तालाब, नदी-नाला क्षेत्र, आदिवासी जमीन या CNT-SPT एक्ट का उल्लंघन कर बने भवनों को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

गलत जानकारी देने पर होगी सख्त कार्रवाई

यदि आवेदन के दौरान गलत जानकारी दी जाती है, तो आवेदन रद्द कर दिया जाएगा और जमा राशि भी जब्त कर ली जाएगी। जरूरत पड़ने पर भवन तोड़ने की कार्रवाई भी की जा सकती है।

रेन वाटर हार्वेस्टिंग जरूरी

यदि भवन में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं है, तो भवन मालिक को शपथ पत्र देना होगा कि वह नियमितीकरण की मंजूरी मिलने के छह महीने के भीतर यह व्यवस्था करा लेगा।

कितना लगेगा शुल्क

  • आवासीय भवन : 10 हजार रुपये
  • व्यावसायिक भवन : 20 हजार रुपये

आवेदन के समय कम से कम 50 प्रतिशत शुल्क जमा करना अनिवार्य होगा। बाकी राशि तीन किस्तों में जमा की जाएगी।

इसके अलावा लेबर सेस और आर्किटेक्ट फीस भी देनी होगी।

ये दस्तावेज होंगे जरूरी

ऑनलाइन आवेदन के लिए भवन मालिकों को—

  • साइट प्लान
  • भवन की फोटो
  • जमीन का डीड
  • खतियान
  • लगान रसीद
  • होल्डिंग नंबर
  • स्ट्रक्चर सेफ्टी सर्टिफिकेट
  • व्यावसायिक भवन के लिए फायर एनओसी

जैसे दस्तावेज जमा करने होंगे।

पुराने केस भी होंगे वापस

जिन भवनों पर पहले से अवैध निर्माण का केस चल रहा है, उन्हें भी राहत मिलेगी। भवन नियमित होने के बाद पुराने केस वापस ले लिए जाएंगे और आक्यूपेंसी सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा।

दुमका में अब तक नहीं आया एक भी आवेदन

नगर परिषद दुमका के सहायक नगर निवेशक कुमार प्रियम के अनुसार, अधिसूचना जारी होने के बाद अब तक दुमका शहरी क्षेत्र से एक भी ऑनलाइन आवेदन नहीं आया है। हालांकि विभाग को उम्मीद है कि जल्द लोग आवेदन प्रक्रिया शुरू करेंगे।

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