रांची। पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा क्षेत्र में हाल ही में चले ऑपरेशन मेगाबुरु के दौरान सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। इस ऑपरेशन में 17 माओवादियों के मारे जाने के बाद अब उन पर घोषित करोड़ों रुपये के इनाम के बंटवारे की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है।
इनाम की राशि किन अधिकारियों और जवानों को मिलेगी, इसका अंतिम फैसला एसपी चाईबासा की अनुशंसा और पुलिस मुख्यालय की समीक्षा रिपोर्ट के आधार पर किया जाएगा। खास बात यह है कि सिर्फ झारखंड और ओडिशा सरकार द्वारा घोषित इनाम ही सुरक्षा बलों को मिलेगा, जबकि एनआईए द्वारा घोषित इनाम की राशि का भुगतान नहीं होगा।
एनआईए का इनाम क्यों नहीं मिलेगा?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, एनआईए का इनाम केवल गिरफ्तारी की स्थिति में दिया जाता है। मुठभेड़ में मारे जाने पर एनआईए द्वारा घोषित इनाम की राशि का कोई प्रावधान नहीं है।
कुल कितनी इनाम राशि बंटेगी?
मारे गए 17 माओवादियों में से सिर्फ 7 माओवादियों पर इनाम घोषित था। इन सभी पर घोषित इनाम की कुल राशि 3 करोड़ 84 लाख रुपये है, जिसे ऑपरेशन में शामिल चिह्नित सुरक्षा बलों के बीच बांटा जाएगा।
इनाम के हकदार कैसे होंगे तय?
इनाम के हकदार अधिकारियों और जवानों को चिह्नित करने की जिम्मेदारी एसपी चाईबासा की होगी। ऑपरेशन मेगाबुरु में शामिल
-
झारखंड जगुआर
-
कोबरा
-
सीआरपीएफ
-
जिला बल
के अधिकारियों और जवानों की सूची तैयार की जाएगी।
यह सूची क्रमशः डीआईजी कोल्हान, आईजी रांची, आईजी अभियान, एडीजी अभियान होते हुए डीजीपी तक पहुंचेगी। समीक्षा के बाद इसे गृह विभाग को भेजा जाएगा, जहां से इनाम की राशि जारी की जाएगी।
ओडिशा सरकार द्वारा घोषित इनाम के लिए झारखंड पुलिस, ओडिशा पुलिस से पत्राचार करेगी और प्रक्रिया पूरी होने के बाद वह राशि भी एसपी चाईबासा कार्यालय को भेजी जाएगी।
इन माओवादियों पर था इनाम
-
अनल उर्फ पतिराम मांझी (सेंट्रल कमेटी सदस्य):
झारखंड से ₹1 करोड़, ओडिशा से ₹1.20 करोड़ — कुल ₹2.20 करोड़
-
अनमोल उर्फ सुशांत (BJSAC सदस्य):
झारखंड ₹25 लाख, ओडिशा ₹65 लाख — कुल ₹90 लाख
-
अमित मुंडा (रीजनल कमेटी सदस्य):
झारखंड ₹15 लाख, ओडिशा ₹43 लाख — कुल ₹58 लाख
-
पिंटू लोहरा (जोनल कमेटी सदस्य): ₹5 लाख
-
लालजीत उर्फ लालू (सब जोनल कमेटी सदस्य): ₹5 लाख
-
समीर सोरेन (सब जोनल कमेटी सदस्य): ₹5 लाख
-
सूरजमुनी (माओवादी सदस्य): ₹1 लाख
जिन 10 माओवादियों पर कोई इनाम नहीं था
रापा मुंडा, बबीता, मानसिद्ध उर्फ राजेश, पूर्णिमा, सोमवारी पूर्ति, डुलबु उर्फ बुलबुल आल्डा, जोंगा, सोमा होन्हागा, मुक्ति होनहागा और सरिता — इन पर कोई इनाम घोषित नहीं था।