Chandrashekhar Azad, NEET Protest, Parliament Protest, Jantar Mantar, Dharmendra Pradhan, Student Protest, ASP, Delhi News, Politics News, Education News, चंद्रशेखर आजाद धरना, नीट पेपर लीक, संसद परिसर धरना, जंतर मंतर लाठीचार्ज, शिक्षा मंत्री इस्तीफा, छात्र आंदोलन, दिल्ली प्रदर्शन, आजाद समाज पार्टी, संसद समाचार, राजनीतिक खबर। | देश/विदेश
देश/विदेश

जंतर-मंतर लाठीचार्ज के बाद संसद में धरने पर बैठे चंद्रशेखर, कहा- “याद आ गया जलियांवाला बाग”

NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई के बाद सांसद चंद्रशेखर आजाद संसद परिसर में धरने पर बैठ गए। उन्होंने जंतर-मंतर की घटना की तुलना जलियांवाला बाग से करते हुए न्याय की मांग की।

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में नीट पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के विरोध में आजाद समाज पार्टी (ASP) के सांसद चंद्रशेखर आजाद संसद परिसर में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के नीचे धरने पर बैठ गए हैं।

चंद्रशेखर सोमवार रात से संसद परिसर में धरना दे रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक प्रदर्शनकारियों को न्याय नहीं मिलता और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हुई कार्रवाई

सोमवार को सीजेपी प्रोटेस्ट्स के बैनर तले आयोजित संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे।

इस कार्रवाई के बाद कई विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए प्रदर्शनकारियों के समर्थन में आवाज उठाई।

संसद परिसर में धरना, बारिश में भी डटे रहे चंद्रशेखर

चंद्रशेखर आजाद ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर धरने की तस्वीरें साझा कीं, जिनमें वह रात के दौरान हुई बारिश के बीच भी धरने पर बैठे नजर आए। तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।

उन्होंने लिखा, "जहां संविधान की शपथ ली, आज वहीं संविधान का सम्मान बचाने बैठा हूं। मासूमों पर हुए अत्याचार के विरुद्ध अपना कर्तव्य निभा रहा हूं। जय भीम, जय भारत।"

"जलियांवाला बाग की याद दिलाने वाले दृश्य"

सांसद चंद्रशेखर ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे बच्चों और युवाओं के साथ हुए व्यवहार को लेकर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि उन्होंने जलियांवाला बाग का दौर नहीं देखा, लेकिन जंतर-मंतर से सामने आए दृश्य इतिहास के उस काले अध्याय की याद दिलाते हैं।

उन्होंने कहा कि जब किसी लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर बल प्रयोग किया जाता है, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए चिंता का विषय बन जाता है।

संविधान और लोकतंत्र की रक्षा का दावा

चंद्रशेखर ने कहा कि अपनी बात को शांतिपूर्ण तरीके से रखना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। ऐसे अधिकारों पर बल प्रयोग लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि इसी पीड़ा और संविधान के सम्मान की रक्षा के लिए उन्होंने संसद परिसर में धरना शुरू किया है।

उन्होंने दोहराया कि यह संघर्ष पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक है तथा न्याय मिलने तक जारी रहेगा।

राजनीतिक माहौल गरमाया

जंतर-मंतर की घटना के बाद विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। कई नेताओं ने प्रदर्शनकारियों पर हुई कार्रवाई को अनुचित बताते हुए सरकार से जवाब मांगा है। वहीं सत्तापक्ष का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए।

अब यह मुद्दा संसद से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा का केंद्र बना हुआ है और आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।

You can share this post!

Comments

Leave Comments